हालात तब और भी गंभीर हो गए जब बीकानेर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर जगह-जगह गहरे कटाव हो गए। ये कटाव राजमार्ग के किनारों पर बन गए हैं और किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
श्रीडूंगरगढ़ से रतनगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर, सिखवाल उपवन और सीमेंट फैक्ट्री के पास राजमार्ग के किनारों पर बने ये कटाव खतरे की घंटी बजा रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि ये गड्ढे हर पल मौत को दावत दे रहे हैं।
महावीर प्रसाद, धनराज और महादेव जैसे वाहन चालकों ने राजमार्ग निर्माण कंपनी के प्रति आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि रात के अंधेरे में यदि कोई वाहन अनजाने में किनारे की ओर चला जाए तो दुर्घटना होना निश्चित है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसी स्थिति हर बरसात में उत्पन्न होती है। राजमार्ग निर्माण कंपनी द्वारा अस्थायी रूप से मिट्टी डालकर इन गड्ढों को भरने का प्रयास किया जाता है, लेकिन बारिश होते ही कटाव फिर से उभर आते हैं, क्योंकि समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
रविवार को हुई भारी बारिश के कारण हनुमान धोरा और राजकीय सदुदेवी पारख कन्या महाविद्यालय के सामने राजमार्ग पर पानी भर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। हालांकि, सोमवार को हाइवे पेट्रोलिंग टीम ने टैंकरों की मदद से पानी निकालकर स्थिति को सामान्य किया।
वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों ने राजमार्ग निर्माण कंपनी से पुरजोर मांग की है कि राजमार्ग के किनारों पर बने इन खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरा जाए और पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उनका कहना है कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
(फ़ोटो क्रेडिट: गौरीशंकर शर्मा, सातलेरा)