श्रीडूंगरगढ़ ONE 7 अप्रैल 2026। इस विघटनकारी वर्तमान समय में हर घर में रामायण और रामायण के पात्रों का अनुसरण और अधिक प्रासंगिक बन गया है। लोक सामान्य में रामायण का मंचन करना और इसकी प्रेरणा हर घर हर मानव चरित्र तक पहुंचाना आज की जरूरत है। ये विचार गांव सेरूणा में आयोजित रामायण मंचन के मंच पर वरिष्ठ एडवोकेट भरतसिंह राठौड़ ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रामायण के चरित्रों से प्रेरणा लेकर घर को स्वर्ग बनाया जा सकता है। राठौड़ ने बताया कि गांव में हनुमान मंदिर के निकट में नौ दिवसीय रामायण का मंचन रात 8 बजे से 11 बजे तक किया जा रहा है। 2 अप्रैल से प्रारंभ हुए कथा प्रसंग 10 अप्रैल को राम राज्याभिषेक के साथ संपन्न होंगे। अब तक श्रीराम जन्म, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, श्रीराम वनवास के आयोजन संपन्न हो गए है। सोमवार को श्रीराम वनवास के प्रसंग में दशरथ केकई संवाद ने दर्शक श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। रामलीला का मंचन काशी के पंडित प्रकाश चौरसिया व उनका दल द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीण महिलाएं व बच्चों सहित युवा और बुजुर्ग भी बड़े चाव से कथा में रूचि ले रहें है। अनेक मौजिज ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना करते हुए मोबाइल से दूर रहकर इस परंपरागत मनोरंजन का आनंद लेने की बात कही।