श्रीडूंगरगढ़ ONE 27 अक्टूबर 2025। नेहरू पार्क में आयोजित सप्तदिवसीय भागवत कथा के अनुष्ठान में सोमवार को चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पांडाल को गुब्बारों से सजाया गया और मंच से नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की.. घोषणा के साथ ही पांडाल आनंद से भर उठा। सभी श्रद्धालु नंदोत्सव में शामिल हुए और भक्तगण जयकारों के साथ झूम उठे। कृष्ण जन्म पर पांडाल थाली की गूंज उठा और खूब बधाइयां बांटी गई। कथा वाचन करते हुए महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज ने भक्तों को कृष्ण जन्म की बधाई दी। समुद्र मंथन की कथा का वर्णन करते हुए महाराज ने महादेव के विष पान का पूरा मर्म समझाते हुए कहा कि मरने के लिए थोड़े विष की जरूरत है परंतु जीवन में पग पग पर विष पीना पड़ता है। परंतु विष यानी यदि नकारात्मक विचार कोई आपमें डाले तो उसे ना अंदर लेवें ना बाहर निकाले, बाहर निकालने से समाज का नुकसान होगा, वह नहीं करना है और भीतर रखकर स्वयं का नुकसान भी नहीं करना। उन्होंने कहा कि किसी का भला ना कर सको तो कम से कम किसी का बुरा नहीं करना चाहिए। उन्होंने मदिरा पान करने वालों को राक्षस के समान बताते हुए नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। हिरण्यकश्यपु कथा व गजेन्द्र के उद्धार की कथा विस्तार से सुनाते हुए राम नाम स्मरण का महत्व बताया। महाराज ने दृष्टि में ईष्ट को बसाने की बात कहते हुए बहुरंग में नहीं भटक कर एक ही रंग में रंग जाने की बात कही। गुरू नानक जीवन प्रसंग, पूर्वजन्म में विश्वास, आज के समाज का बदलाव, समाज की विडम्बनाओं के बारे में चर्चाएं करते हुए जीवन को संस्कारवान बनाने की प्रेरणा दी। कथा आयोजक शारदा सीताराम मोहता परिवार द्वारा सभी व्यवस्थाएं की गई। मंच पर विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पूर्व पालिकाध्यक्ष रामेश्वरलाल पारीक सहित अनेक अतिथियों ने स्वामीजी से आशीर्वाद लिया। कथा के चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।