श्रीडूंगरगढ़, 25 अगस्त 2025: श्रीडूंगरगढ़ में सिंधी समाज द्वारा आयोजित 40 दिवसीय झूलेलालजी चालीसा महोत्सव रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। झूलेलाल मंदिर में आयोजित इस महोत्सव में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और झूलेलाल के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
महोत्सव के अंतिम दिन रविवार की शाम विशेष रूप से यादगार रही। शाम 7:30 बजे महिलाओं ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति से माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। इसके बाद, रात 8:30 बजे से संत कंवरराम मंडली ने अपनी सुमधुर भजनों से समां बांध दिया। मंडली के निखिल रिझवानी, किशोर धनवानी, मुकेश संगवानी, नरेन रिझवानी, ललित गुरनाणी और उमाशंकर लालवानी ने अपनी आवाज़ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में नन्हें-मुन्नों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने नरसिंह अवतार और भक्त प्रह्लाद की झांकी सजाई, साथ ही हिरण्यकश्यपु के वध की नाटिका प्रस्तुत की, जिसे देखकर सभी दर्शक भाव-विभोर हो गए। बच्चों ने अनेक मनमोहक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। देव वासवानी ने प्रभावशाली ढंग से हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
सिन्धी पंचायत अध्यक्ष श्रवण कुमार गुरनाणी और मंत्री अशोक वासवानी ने सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुरलीधर संगवानी ने बताया कि महोत्सव के दौरान 40 दिनों तक सेवा में सक्रिय रहे स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया।
मीनाक्षी मोरवानी ने बताया कि महोत्सव के 40 दिनों के दौरान मंदिर में आने वाले सभी अतिथियों का समाज की ओर से सम्मान किया गया। मीना बोधिजा ने 40 दिनों तक कार्यक्रमों का कुशलतापूर्वक संचालन किया, जबकि रवि रिझवानी ने मीडिया कवरेज की जिम्मेदारी निभाई।
सोमवार की सुबह हवन-पूजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इसके बाद भोग और आरती का आयोजन किया गया। झूलेलाल के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। अंत में, प्रसाद वितरण के साथ महोत्सव की पूर्णाहुति हुई। आयोजन के व्यवस्थापक दुर्गाप्रसाद खट्टनाणी और अशोक गुरनाणी ने युवाओं को व्यवस्थाओं में सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।