मोमासर के हनुमान मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में दूर-दूर से लोग आए। वातावरण में एक अद्भुत शांति और श्रद्धा का भाव था।
भोजूसर मंडली के आचार्य पवन शास्त्री के निर्देशन में यह अखंड पाठ संपन्न हुआ। आचार्य पवन शास्त्री ने श्रीरामचरितमानस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहाँ रामकथा का आयोजन होता है, वहाँ हनुमान जी स्वयं उपस्थित होते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह हवन के साथ हुई। इस अवसर पर अशोक शर्मा मुख्य यजमान थे। उनके साथ तनसुख संचेती, राकेश संचेती, परमेश्वर लाल संचेती, मांगीलाल आत्रेय, शिवदान सिंह और पुजारी सांवरमल भी हवन में शामिल हुए।
यह धार्मिक आयोजन श्री सालासर बालाजी की लाडली फौज (पैदल यात्री संघ) द्वारा आयोजित किया गया था। अखंड पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर बालाजी के जयकारों से गुंजायमान रहा।
गांव के अनेक लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए और धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का एक अनूठा माहौल बना रहा, जिसने सभी को गहराई से प्रभावित किया।