अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर, पंचायत समिति के उपप्रधान प्रतिनिधि मालचंद नैन के नेतृत्व में ग्रामीण एकजुट हुए और उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि ये मीटर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेंगे और निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया कदम है।
मालचंद नैन ने बताया कि अखिल भारतीय किसान सभा पूरे देश में स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही है। उनका मानना है कि ये मीटर आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए आम आदमी की जेब पर डाका डालने की योजना बना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में पूर्व पंचायत समिति सदस्य जगमाल सिंह, ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह, हुकुम सिंह, महावीर सिंह, पवन पांडिया, किशनलाल मेघवाल, रामवतार पारीक सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया और दल को वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया।
इस घटना ने एक बार फिर स्मार्ट मीटर योजना को लेकर आम लोगों की आशंकाओं और विरोध को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि सरकार इस विरोध को किस तरह से देखती है और इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है। यह घटना निश्चित रूप से आने वाले दिनों में स्मार्ट मीटर योजना को लेकर बहस और विरोध को और तेज करेगी।