श्रीडूंगरगढ़, 26 नवंबर 2025: सर्द हवाओं और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की व्यस्तता के बीच, श्रीडूंगरगढ़ के सरकारी स्कूलों में बुधवार का दिन कुछ ख़ास था। विद्यालयों में संविधान दिवस मनाया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने न केवल अपने संवैधानिक अधिकारों के बारे में जाना, बल्कि लोकतंत्र के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को भी समझा।
दिन की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसके बाद संस्थाप्रधानों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संविधान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दिन हमें उस संविधान की याद दिलाता है, जिसने भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया।
इस अवसर पर, विद्यार्थियों को वोट देने के संवैधानिक अधिकार और नैतिक मतदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि हर वोट महत्वपूर्ण है और एक जागरूक नागरिक के तौर पर उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग ज़रूर करना चाहिए।
संस्थाप्रधानों ने एसआईआर (स्टूडेंट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) के बारे में भी जानकारी दी और परिगणना प्रपत्र ऑनलाइन व ऑफलाइन भरने की प्रक्रिया समझाई। विद्यार्थियों को संविधान में वर्णित मूल कर्तव्यों और मूल अधिकारों के बारे में भी बताया गया, ताकि वे एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपने कर्तव्यों का भी पालन करें।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज पूनियां वीर ने बताया कि किशोर विद्यार्थियों को मतदान के बारे में जानकारी देते हुए लोकतंत्र में वोट का महत्व समझाया गया। उन्हें यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपने घर और पड़ोस में भी लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान विद्यार्थियों को मतदान की शपथ भी दिलाई गई, ताकि वे भविष्य में एक ज़िम्मेदार मतदाता बनें और देश के निर्माण में अपना योगदान दें। कार्यक्रमों में स्कूलों का स्टाफ भी सक्रिय रूप से शामिल रहा, जिससे बच्चों को लोकतंत्र के प्रति और अधिक जागरूक होने का अवसर मिला।
कुल मिलाकर, श्रीडूंगरगढ़ के सरकारी स्कूलों में संविधान दिवस का आयोजन सफल रहा। विद्यार्थियों ने न केवल संविधान के बारे में जानकारी प्राप्त की, बल्कि लोकतंत्र के प्रति अपनी निष्ठा को भी दोहराया। यह दिन उन्हें याद दिलाता रहेगा कि वे भारत के भविष्य हैं और उन्हें अपने देश को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।