समंदसर गांव में स्कूल जाते बच्चों के साथ हुई एक घटना ने इलाके में चिंता पैदा कर दी है। गांव के ही पुरखाराम नायक ने शेरूणा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने गांव के दो युवकों, सुनील और मुखराम नायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुरखाराम का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से ये दोनों युवक स्कूल से लौट रहे बच्चों को परेशान कर रहे थे। आरोप है कि वे अपनी मॉडिफाइड बाइक के साइलेंसर से पटाखे जैसी आवाज़ें निकालकर बच्चों को डराते थे, जिससे बच्चे भयभीत थे।
पुरखाराम ने पुलिस को बताया कि 22 अगस्त को जब उनका बेटा ओमकार स्कूल से घर लौट रहा था, तब सुनील और मुखराम ने उसके साथ लाठियों और हाथ के कड़े से मारपीट की। ओमकार को बचाने के लिए उसकी बहनें दौड़ीं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। पुरखाराम के अनुसार, जब ग्रामीणों ने शोर सुना और वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो आरोपी एक चांदी का सूत छीनकर भाग गए।
पुरखाराम ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो उन्हें अपनी बेटियों को स्कूल से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह एक पिता की बेबसी है, जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
शेरूणा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अब यह देखना होगा कि पुलिस की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। यह घटना गांव में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।