विधायक सारस्वत ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और आमजन को उनसे हो रहे लाभों से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों से श्रीडूंगरगढ़ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। साथ ही, उन्होंने कुछ लंबित योजनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्हें जल्द पूरा करने का आग्रह किया, ताकि जनता को त्वरित राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायक सारस्वत को आश्वस्त किया कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र ही ज़मीन पर उतारा जाएगा।
मुलाक़ात के दौरान, विधायक सारस्वत ने जल जीवन मिशन के तहत 650 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को जल्द शुरू करवाने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने श्रीडूंगरगढ़ के उप जिला चिकित्सालय में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर के निर्माण कार्य को भी जल्द प्रारंभ करने की आवश्यकता बताई।
शिक्षा, चिकित्सा और प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री के साथ सार्थक चर्चा हुई। प्रदेश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, विधायक ने रतनगढ़-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने की मांग को राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार तक पहुंचाने का अनुरोध किया।
समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीद में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत भी विधायक सारस्वत ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को अभी तक टोकन नहीं मिले हैं, उनकी मूंगफली की तुलाई सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने मूंगफली तुलाई में पारदर्शिता लाने के लिए बिजली बिल को अनिवार्य करने का सुझाव दिया, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने प्रति किसान 40 क्विंटल की सीमा बढ़ाने और टोकन से वंचित किसानों को प्राथमिकता से टोकन जारी करने का भी आग्रह किया।
यह मुलाक़ात श्रीडूंगरगढ़ के विकास के प्रति विधायक की संवेदनशीलता और मुख्यमंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया का प्रतीक है। निश्चित रूप से, इस संवाद से क्षेत्र में विकास की गति को और तेज़ करने में मदद मिलेगी।