श्रीडूंगरगढ़, 30 नवंबर 2025। रविवार की सुबह, शहीद हेमू कालानी पार्क में एक विशेष आयोजन हुआ। यह आयोजन, श्रद्धेय राजीव भाई दीक्षित की स्मृति को समर्पित था, जिसमें योग और आयुर्वेद पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
सुबह की ताज़ी हवा में, लगभग दो सौ से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत राजीव दीक्षित जी के चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित करके हुई। इसके बाद, उपस्थित लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया, मानो प्रकृति भी इस साधना में साथ दे रही हो। सभी ने अपने जीवन में आयुर्वेद को अपनाने का संकल्प लिया, एक स्वस्थ और प्राकृतिक जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाने का निश्चय किया।
योगगुरु गोविंद सोनी और योग शिक्षक किशन शर्मा ने योगाभ्यास का नेतृत्व किया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया।
आयुर्वेद के विषय में, डॉ. राकेश सोनी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता बताई और प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ रहने के महत्व पर जोर दिया। उनके शब्दों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया, मानो वे अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हों।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जागरूक युवाओं की एक टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किशन शर्मा, बलराम बेनीवाल, कालूराम मंडा, राजूराम लूखा, अन्नाराम सारण, माधव मित्तल और रामकिशन सारण ने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाओं को कुशलतापूर्वक संभाला। युवा टीम ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर घर तक स्वदेशी और स्वावलंबन का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में किसी भी राजनीतिक दल, बाहरी संस्था या संगठन का सहयोग नहीं लिया गया था। यह आयोजन पूर्णतः राष्ट्रप्रेम की भावना से प्रेरित था, जिसका लक्ष्य स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर आत्मनिर्भर बनना था।
कार्यक्रम में सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्रवणकुमार सिंधी, योगगुरु गोविंद सोनी, डॉ. राकेश सोनी, योगगुरु बेगाराम लूखा, मांगीलाल उपाध्याय और मूलचंद पालीवाल जैसे गणमान्य अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। सेवा धाम के बालक, संस्कृत गुरुकुल और भारती निकेतन के विद्यार्थी, सिंधी कॉलोनी के निवासी और हॉस्टल इंचार्ज किशन भादू सहित अनेक प्रतिष्ठित लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में, सभी को आयुर्वेदिक काढ़ा और प्रसाद वितरित किया गया। यह आयोजन न केवल एक संगोष्ठी थी, बल्कि एक प्रेरणा थी – एक स्वस्थ, आत्मनिर्भर और स्वदेशी जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा।