अखिल भारतीय अनुराग साहित्य अलंकरण समारोह में रवि पुरोहित सम्मानित
डूंगरगढ़ one 21 दिसम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। साहित्य समाज का पथ-प्रदर्शक होता है और सामाजिक विद्रूपताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है। साहित्य नई सोच और नई दिशा देता है। यह बात राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने पीएमश्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लालसोट में आयोजित अखिल भारतीय अनुराग साहित्य अलंकरण समारोह में कही।
राज्यपाल ने कहा कि साहित्य का मूल भाव सबका हित है। कबीर और रहीम जैसे संत कवियों ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज सुधार का संदेश दिया। मैथिलीशरण गुप्त और वाल्मीकि के साहित्य ने भी समाज को नई दृष्टि दी। उन्होंने कहा कि आज के साहित्यकारों का नैतिक दायित्व है कि वे नया साहित्य रचें और नई संस्कृति की दृष्टि समाज को दें।
उन्होंने यह भी कहा कि आजादी से पहले विदेशियों ने देश का विकृत इतिहास लिखा, जिसे सुधारने की जिम्मेदारी आधुनिक साहित्यकारों की है। साहित्यकारों को सत्य आधारित इतिहास को सामने लाना चाहिए।
रवि पुरोहित को साहित्य सम्मान
अनुराग सेवा संस्थान के 31 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस समारोह में बीकानेर के साहित्यकार रवि पुरोहित को उनकी काव्य कृति ‘आग अभी शेष है’ के लिए शकुंतला देवी रावत स्मृति अनुराग साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 31 साहित्यकारों को शॉल, सम्मान-पत्र, स्मृति चिह्न और सम्मान राशि प्रदान की गई।
सम्मान प्राप्त करने के बाद रवि पुरोहित ने कहा कि पुरस्कार और सम्मान साहित्यकार की सामाजिक जिम्मेदारी को और बढ़ाते हैं। साहित्य केवल मनोरंजन नहीं करता, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास के साथ समाज में चेतना जगाने का कार्य करता है। संवेदनशील समाज के निर्माण में साहित्य की बड़ी भूमिका है।
समारोह में लालसोट नगर परिषद सभापति पिंकी चतुर्वेदी, विधायक रामविलास मीणा, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, साहित्यकार और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।