कुनपालसर गांव में मातम पसरा है। धीरदेसर चोटियान की रोही में खेतों में काम करते हुए एक युवती, पूजा पुत्री रामूराम नायक, काल के क्रूर हाथों का शिकार हो गई। 19 अक्टूबर को दोपहर के शांत पहर में, जब खेतों में जीवन फलफूल रहा था, तभी अचानक एक अप्रिय घटना घटी।
19 वर्षीय पूजा अपने परिवार के साथ धीरदेसर चोटियान की रोही में स्थित खेत में काम कर रही थी। दोपहर के लगभग 3 बजे, उसे एक कोबरा सांप ने डस लिया। डसने के बाद, खेतों में पसरी शांति चीखों और अफरा-तफरी में बदल गई।
परिजन तत्काल उसे अस्पताल ले गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सकों ने उसे बीकानेर रेफर कर दिया। पूजा के जीवन को बचाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। इलाज के दौरान रविवार को पूजा ने अस्पताल में अंतिम सांस ली।
यह खबर कुनपालसर में आग की तरह फैल गई। रामूराम नायक के घर मातम छा गया। एक हंसती-खेलती युवती का असमय चले जाना, पूरे गांव को शोक में डुबो गया।
पिता रामूराम नायक ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। गांव में गमगीन माहौल में पूजा का अंतिम संस्कार किया गया।
यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है। खेतों में काम करते हुए, हम प्रकृति के कितने करीब होते हैं, और प्रकृति कभी-कभी कितनी निर्मम हो सकती है। पूजा की असामयिक मृत्यु एक गहरा घाव है, जिसे भरना मुश्किल है। यह घटना हम सभी को सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने आसपास की दुनिया के प्रति पर्याप्त रूप से सतर्क हैं? क्या हम ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कुछ कर सकते हैं?