बैठक की अध्यक्षता सत्तुनाथ सिद्ध लिखमादेसर ने की, जबकि सभा के जिलाध्यक्ष गिरधारीलाल महिया अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर तहसील सचिव राजेंद्र जाखड़ ने पिछली बैठक की समीक्षा प्रस्तुत की और आगामी कार्य योजनाओं पर प्रकाश डाला।
बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें ग्राम स्तर पर कमेटियों का गठन, समर्थन मूल्य पर मूंगफली की सरकारी खरीद, फल-सब्जी और रेहड़ी पट्टी मजदूरों को स्थाई स्थान उपलब्ध कराना शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पालिका कार्मिक द्वारा करवाए गए मुकदमों को वापस लेने, ट्यूबवेल खुद चुके किसानों को जल्द सामान उपलब्ध कराने, और जले हुए ट्रांसफार्मर को 72 घंटे में बदलने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने 52 एचपी के स्थान पर 100 एचपी के ट्रांसफार्मर दिए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, बैठक में श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर का निर्माण शुरू करवाने के लिए संघर्ष करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में किसान नेता राजेंद्र कुमार, शेखर रेगर, भवानीसिंह भाटी, पूर्व सरपंच पुरखाराम गोदारा, गणपतराम महिया, दानाराम प्रजापत, टेऊ सरपंच सुनील मेघवाल, उपसरपंच लालूराम, मालाराम आड़सर, रामुराम मेघवाल, सुखराम महिया, मुखराम नायक, गिद्धाराम भादू, हड़मान कूकणा, और गिरधारी जाखड़ सहित कई गणमान्य किसान नेता उपस्थित थे।
बैठक में किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।