श्रीडूंगरगढ़, 4 नवंबर 2025। कस्बे में एक सफाई कार्मिक को कार्यमुक्त करने के बाद उपजे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। आरोपों के अनुसार, इस कार्रवाई से नाराज कुछ लोगों ने महिला जमादार के साथ अभद्रता और मारपीट की।
घटनाक्रम के अनुसार, 2 नवंबर को मोमासर बास निवासी महिला जमादार ललिता देवी ने, जो कि विष्णु कुमार की पत्नी हैं, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा को एक पत्र सौंपा था। इस पत्र में उन्होंने सफाई कार्मिक शांति देवी के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की थी। साथ ही, उन्होंने अनिल कुमार और श्रवण उर्फ मिथुन नामक व्यक्तियों पर राजकार्य में बाधा डालने और धमकाने के आरोप भी लगाए थे।
इसके बाद, सोमवार को जमादार ललिता देवी ने थाने में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत में अनिल, श्रवण उर्फ मिथुन, लक्ष्मीनारायण, भागीरथ, लिछमा देवी, मंजू देवी, धापा देवी, निशा देवी और सुनीता को आरोपी बताया गया है।
पीड़िता ललिता देवी के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 9:15 बजे जब वे मुख्य बाजार में काम करवा रही थीं, तभी श्रवण उर्फ मिथुन वहां आया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। उनके पुत्र विकास ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो अन्य आरोपी भी वहां आ गए और दोनों मां-बेटे के साथ मारपीट की गई।
ललिता देवी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के साथ उनकी पुरानी रंजिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने शांति देवी को हटाने के कारण उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी। ललिता देवी का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें सार्वजनिक स्थान पर रोका, उनके साथ दुर्व्यवहार किया, मारपीट की और गले से मंगलसूत्र भी तोड़ दिया।
पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और जांच हेड कांस्टेबल रामस्वरूप को सौंप दी गई है। अब देखना यह है कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस विवाद का क्या समाधान निकलता है। घटना ने स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बना दिया है, और लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।