दोनों ही व्यक्तित्वों के बीच सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सारस्वत ने अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना केवल सरकार का दायित्व नहीं है, बल्कि यह समाज के हर सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।
इस विचार पर सहमति जताते हुए राठौड़ ने बताया कि राजस्थान सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार सड़क निर्माण, यातायात प्रबंधन और जन-जागरूकता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राठौड़ ने हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राजस्थान के 200 विधानसभा क्षेत्रों में 5-5 करोड़ रुपये की लागत से सड़क कार्य और 1 हजार करोड़ रुपये की नॉन पेचेबल सड़कें बनाने का प्रस्ताव रखा है।
ईको भारत के संस्थापक सम्पत सारस्वत, पिछले एक महीने से देशभर के सांसदों से मिलकर सड़क सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि इस मुहिम को साल के अंत तक पूरे देश में ले जाया जाएगा, ताकि हर नागरिक सड़क सुरक्षा के महत्व को समझ सके और इसमें अपना योगदान दे सके। यह मुलाकात एक उम्मीद जगाती है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सक्रियता से हम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सफल हो सकते हैं।