ठुकिरयासर गांव के सभा चौक पर बीती रात एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वीर तेजा के जागरण का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु उमड़े। सांवर मांझू एंड पार्टी के कलाकारों ने अपनी तेजा गायन से ऐसा समां बांधा कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।
विभिन्न भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी, जिसने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। नागौर से आए दो नन्हें कलाकारों ने अपने नृत्य से सबका मन मोह लिया। “बरस बरस म्हारा इंद्र राजा..” गीत पर उनकी सुंदर प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं।
हालांकि, मौसम ने थोड़ी करवट ली और बरसात शुरू हो गई, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। वे बड़ी संख्या में जागरण में डटे रहे और तेजा गायन का आनंद लेते रहे। ग्रामीण भजनों पर झूम उठे और बारिश होने पर खुशी जताई, मानो इंद्र देवता भी वीर तेजा के रंग में रंग गए हों।
उधर, बिग्गा गांव के भैरव मंदिर में अमावस्या की पूर्व संध्या पर प्रेम सत्संग मंडल द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। मंडल की महिलाओं ने विभिन्न देवी-देवताओं के भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जयकारों के साथ महिलाओं ने बाबा के मंदिर में भजनों पर खूब नृत्य किया।
इस अवसर पर, मंडल सदस्यों ने सर्वसम्मति से कौशल्या देवी झंवर को मंडल अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया। मंडल की संरक्षक सदस्य शांतिदेवी लखोटिया ने मंडल की सत्संग गतिविधियों को बढ़ाने और अधिक महिलाओं को मंडल से जोड़ने की प्रेरणा दी। सत्संग में मंडल की सदस्यों के साथ-साथ अनेक ग्रामीण महिलाएं भी शामिल हुईं।
दोनों ही आयोजनों ने अंचल में भक्ति और भाईचारे का संदेश दिया। वीर तेजा के जागरण और भजन कीर्तन ने लोगों को एक साथ जोड़ने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।