श्रीडूंगरगढ़, 24 सितम्बर 2025। एक चेक बाउंस मामले में स्थानीय अदालत ने सख़्त रुख़ अपनाते हुए आरोपी परमेश्वर पुत्र रामचन्द्र उर्फ रामलाल सुनार, निवासी कालूबास, भादानी कुएं के पास, वार्ड नं. 36, श्रीडूंगरगढ़ को सीधे जेल भेज दिया।
अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश सरिता नौशाद ने आरोपी परमेश्वर की अपील को ख़ारिज करते हुए निचली अदालत के फ़ैसले को बरकरार रखा। अदालत ने आरोपी को दो साल के कारावास की सज़ा सुनाई है, साथ ही परिवादी (शिकायतकर्ता) को ढाई लाख रुपये का हर्जाना देने का भी आदेश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि कुछ इस प्रकार है कि लगभग तीन वर्ष पूर्व आरोपी परमेश्वर ने परिवादी दिनेश सोनी से 40 ग्राम सोना उधार लिया था। इस सोने के बदले भुगतान के लिए आरोपी ने 2 लाख रुपये का एक चेक दिया, जो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया।
परिवादी दिनेश सोनी ने इस मामले में धारा 138 एनआई एक्ट के तहत परिवाद दायर किया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 19 सितम्बर 2024 को आरोपी को 2 वर्ष की जेल और ढाई लाख रुपये हर्जाने की सज़ा सुनाई थी। आरोपी ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी, जिसे एडीजे सरिता नौशाद ने ख़ारिज कर दिया।
परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मोहनलाल सोनी व सहयोगी एडवोकेट दीपिका करनाणी ने बताया कि अदालत द्वारा तय किया गया ढाई लाख रुपये का हर्जाना भी अब न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार वसूला जाएगा।
फ़ैसले के उपरांत पुलिस ने आरोपी को अदालत परिसर से ही हिरासत में ले लिया और उसे सीधे केंद्रीय कारागृह बीकानेर भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और विश्वसनीयता के महत्व को रेखांकित किया है। न्यायालय का यह निर्णय निश्चित रूप से ऐसे मामलों में एक नज़ीर बनेगा।