श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों भक्ति और आस्था का रंग छाया हुआ है। गांवों में धार्मिक आयोजन लोगों को एक सूत्र में बांध रहे हैं और मन में शांति का संचार कर रहे हैं।
गुसाईंसर बड़ा गांव में आज शाम नखत बन्ना का जागरण आयोजित किया जाएगा। पुजारी नानूराम गोदारा ने बताया कि लूणकरणसर के कुरूड़दास स्वामी के सान्निध्य में मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा। जागरण में डेरू जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे। भजन गायक मुकेश लोहरा अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। तुलसीराम गोदारा और सोहनलाल गोदारा सहित कई श्रद्धालु आयोजन की तैयारियों में जी-जान से जुटे हुए हैं।
आड़सर बास स्थित श्रीसत्यनारायण (मूंधड़ा) मंदिर में 1 दिसंबर को गीता जयंती पर्व बड़ी श्रद्धा और धार्मिकता के साथ मनाया जाएगा। पुजारी जगदीश शर्मा ने बताया कि मंदिर में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक गीताजी के 18 अध्यायों का वाचन किया जाएगा। पूज्य स्वामी रामसुखदासजी महाराज के प्रवचनों को सुना जाएगा। श्रद्धालु भी 18 अध्यायों का पाठ कर गीता जयंती मनाएंगे। मंदिर से जुड़े भक्तजन आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियों में लगे हुए हैं और इसका प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
दुलचासर की श्रीगोपाल गौशाला में दुलचासर निवासी और मुंबई में बसे मोतीलाल, हुकमचंद, मनोहरलाल, नंदकिशोर मूंधड़ा परिवार ने पहुंचकर गौवंश को लापसी का भंडारा खिलाया। परिवार की इंदिरा देवी, रोहित, जितेंद्र, निलेश, पिंकी, राहुल करनाणी और ज्योति तापड़िया ने गौशाला का अवलोकन किया और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने गौशाला के कार्यों में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। गौशाला समिति के सचिव रेवंत सिंह ने बताया कि समिति के सदस्यों ने दुपट्टा पहनाकर सभी का स्वागत किया और उनके इस सेवाभाव के लिए आभार व्यक्त किया।