श्रीडूंगरगढ़ के वन क्षेत्र में इन दिनों एक ख़ास चहल-पहल है। सुदूर अमेरिका से, वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार मार्क जॉनसन यहाँ गिद्धों की खोज-खबर लेने आए हैं। गिद्धों की प्रजाति पर शोध के लिए भारत भ्रमण कर रहे जॉनसन ने रविवार को श्रीडूंगरगढ़ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। “आपणों गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति” के सदस्यों के साथ उन्होंने कालू रोड़ और दुसारणा मार्ग के वन क्षेत्रों में बने जल स्रोतों का निरीक्षण किया। गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को बारीकी से समझा।
इस दौरान, जॉनसन ने गिद्धों के प्राकृतिक वास, उनके भोजन के स्रोत, प्रजनन क्षेत्र और उनकी घटती संख्या के कारणों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने पशु निस्तारण स्थल और पालिका के डंपिंग यार्ड का भी मुआयना किया। भारत में प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सेवादारों से लोगों को प्लास्टिक के उपयोग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। समिति के अध्यक्ष जतनसिंह राजपुरोहित ने गिद्ध संरक्षण, बचाव और पुनर्वास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी, जिसकी जॉनसन ने सराहना की। बीकानेर के वन्य जीव शोधार्थी शुभम कलवानी भी उनके साथ थे, जो विदेशी आगंतुकों को समिति की सेवाओं से परिचित कराते हैं। समिति के सेवादार श्रवण व्यास, प्रियंक शाह, श्याम सैन, प्रवीण पालीवाल, जय धरू, पृथ्वीसिंह आदि निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।
कस्बे के अब्दुल्ला गेस्ट हाउस में आयोजित एक सेवा शिविर में, सर्वसमाज ने जन कल्याण के लिए बिग्गा बास में श्मशान भूमि आवंटित करने की मांग उठाई। युवाओं ने अधिशाषी अधिकारी श्रीवर्द्धन शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि कालूबास स्थित मुक्तिधाम की दूरी अधिक होने के कारण बिग्गा बास के हिंदू समाज के सभी वर्गों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बिग्गा बास के पास ही श्मशान भूमि आवंटित करने का आग्रह किया। इस दौरान बिहारीलाल पटवारी, ख्यालीराम महावर, रविकांत सैनी, हिम्मत नाथ, गोपाल सिखवाल, श्रीभगवान पुजारी, घनश्याम माली, भरत सिखवाल, विक्की सैनी, नंदलाल भार्गव, पिंटू मीना, बाबूलाल सैनी, रामा स्वामी सहित कई युवा मौजूद थे।
श्रीडूंगरगढ़ के युवा नेता और युवा कांग्रेस के पूर्व जिला महासचिव गोल्डन तंवर ने बीकानेर से जयपुर गए अल्पसंख्यक समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके आवास पर भेंट की। तंवर ने क्षेत्र की जनसमस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि गहलोत सरकार द्वारा श्रीडूंगरगढ़ में स्वीकृत ट्रोमा सेंटर का निर्माण वर्तमान सरकार द्वारा राजनीतिक कारणों से नहीं कराया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व बीकानेर महापौर और पीसीसी सदस्य हाजी मकसूद अहमद, साजिद, सकील, अकरम, आजम, सोनू आदि उपस्थित थे।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर कोटासर गौशाला में रमेश कुमार बोहरा बीकानेर ने अपने पिता की स्मृति में गौवंश को गुड़ खिलाया। गौशाला समिति के सदस्यों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
गाँव बीरमसर में क्रांतिकारी संगठन के सक्रिय युवाओं लालचंद गोयल, कालूराम खोड और उदाराम लूखा ने एक घायल हंस के प्राण बचाए। जानकारी के अनुसार, गाँव में मिले हंस को युवकों ने उदरासर के पशु चिकित्सालय पहुंचाया, जहाँ से उपचार के बाद उसे श्रीडूंगरगढ़ राजकीय पशु चिकित्सालय ले जाया गया। यहाँ हंस का पूरा इलाज कराया गया और फिर उसे वन विभाग को सौंप दिया गया।