श्रीडूंगरगढ़, [दिनांक] | कस्बे में बीते दिनों राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं। एक ओर जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटी है, वहीं दूसरी ओर जाट समुदाय के एक बड़े सम्मेलन की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी श्रीडूंगरगढ़ इकाई शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करेगी। यह कार्यशाला विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान पर केंद्रित होगी। पार्टी कार्यालय प्रभारी भवानी तावणियां के अनुसार, कार्यशाला सुबह 11 बजे भाजपा कार्यालय में आयोजित की जाएगी।
इस कार्यशाला में संगठन के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सौरभ सारस्वत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। विधायक ताराचंद सारस्वत भी कार्यशाला में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। जानकारी के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के पार्टी के अधिकृत बूथ अध्यक्ष, मंडल कार्यकारिणी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकारिणी सदस्य और अनेक सक्रिय कार्यकर्ता इस कार्यशाला में भाग लेंगे। माना जा रहा है कि कार्यशाला का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार करना और मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाना है।
उधर, कस्बे में राष्ट्रीय जाट शताब्दी सम्मेलन की तैयारियां भी ज़ोरों पर हैं। आगामी 9 नवंबर 2025 को पुष्कर, अजमेर में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल है।
गुरुवार को महर्षि दयानंद सरस्वती छात्रावास में सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पुष्कर सम्मेलन के सह संयोजक संजय घिंटाला, पुष्कर सम्मेलन टीम के सदस्य राकेश सिहाग व सुखदेव सिहाग, एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य, सोहन गोदारा, मास्टर प्रभुराम बाना समेत समाज के कई गणमान्य लोग और युवा शक्ति उपस्थित रहे।
सम्मेलन में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोहन गोदारा को श्रीडूंगरगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। गोदारा ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाहन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी जिसके लिए समाज बंधु उनसे और मास्टर प्रभुराम बाना से संपर्क कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, श्रीडूंगरगढ़ में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा जहाँ चुनावों की तैयारियों में मशगूल है, वहीं जाट समुदाय अपने शताब्दी सम्मेलन को सफल बनाने के लिए एकजुट हो रहा है। इन दोनों ही घटनाओं का कस्बे के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।