श्रीडूंगरगढ़ के शिक्षक समुदाय के लिए यह एक गौरव का क्षण है। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे व्याख्याता रमेश शर्मा को “लौह पुरुष एकता अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें आगामी 31 अक्टूबर 2025 को जयपुर में अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच एवं इंडो नेपाल समस्या ऑर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में यह समारोह आयोजित किया जा रहा है, जो वैश्विक विचार प्रस्तुति और संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस के समापन का प्रतीक होगा।
रमेश शर्मा को यह सम्मान शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता के लिए उनके निरंतर प्रयासों को देखते हुए दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शर्मा इससे पहले भी राज्य स्तर पर भामाशाह प्रेरक सम्मान और शिक्षक गौरव जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजे जा चुके हैं।
समरसता मंच के सचिव विवेक स्वामी ने जानकारी दी है कि इस कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा, न्याय और प्रशासनिक सेवाओं से चुनी गई प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इस खबर के सामने आने के बाद रमेश शर्मा के मित्रों, शिक्षाविदों और समाजसेवकों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
बापेऊ के स्वर्गीय इमरती देवी और मंगलाराम ज्याणी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके पुत्रों – सरपंच चेतनराम ज्याणी, रामप्रताप, ज्ञानाराम और लेखराम ज्याणी ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने संत कर्मा बाई बालिका छात्रावास में एक आधुनिक ई-लाइब्रेरी का निर्माण करवाने की घोषणा की है।
मंत्री सुशील सेरडिया ने बताया कि ज्याणी परिवार इस ई-लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 3.51 लाख रुपये की लागत वहन करेगा। यह ई-लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिससे छात्राओं को अध्ययन में नई दिशा मिलेगी।
छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने ज्याणी परिवार के इस उदार दान के लिए आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी भंवरलाल जानूं, मोडाराम तरड़, मास्टर प्रभुराम बाना, कानाराम तरड़, हरिराम बाना, मोटाराम चोटिया, सहिराम आर्य, खुमाराम जाखड़, हंसराज गोदारा, भंवरलाल जाखड़, वार्डन संगीता बेनीवाल, हरलाल भाम्भू और रामनिवास जाखड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
यह पहल न केवल ज्याणी परिवार की स्मृति को जीवित रखेगी, बल्कि बालिका छात्रावास की छात्राओं के लिए ज्ञान के नए द्वार भी खोलेगी।