लोडेरा गांव से गुरुवार की सुबह एक अद्भुत दृश्य दिखाई दिया। बाबा के जयकारों से गूंजता वातावरण और 50 से अधिक श्रद्धालुओं का समूह, सालासर धाम की ओर पैदल यात्रा पर निकल पड़ा। गांव के उत्साही युवाओं – बंशीधर पारीक, हरी पारीक, हंसराज डेलू, सुरेंद्र डेलू और महेंद्र डेलू – ने इस यात्रा का बीड़ा उठाया है। रवाना होने से पहले, यात्रियों ने गांव के मंदिर में ज्योत आरती की और बाबा को श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। ग्रामीणों ने भी इस पवित्र यात्रा पर निकले यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
सूडसर स्थित इच्छापूर्ति हनुमानजी मंदिर में शरद पूर्णिमा का दो दिवसीय मेला 6 और 7 अक्टूबर को आयोजित होने जा रहा है। हर साल की तरह, इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उमड़ेंगे। मंदिर के पुजारी महेश कुमार स्वामी ने बताया कि मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। 6 तारीख को सुंदरकांड का पाठ होगा, जबकि 7 तारीख को मुख्य मेला लगेगा। इस दौरान, बालाजी का दिन में कई बार विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शाम 7 बजे से बीकानेर के प्रसिद्ध कलाकार मुन्ना सरकार और उनके साथी हनुमानजी के भजनों की प्रस्तुति देंगे। रात 12 बजे महाआरती होगी, जिसके बाद चंद्रमा की रोशनी में लगभग 800 किलो खीर का भोग लगाया जाएगा और प्रसाद वितरित किया जाएगा। मेले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस प्रशासन और रेलवे प्रशासन को सूचित किया गया है।
कोटासर स्थित श्री करणी गौ सेवा समिति गौशाला में बने करणी माता मंदिर में बुधवार को महानवमी पर शारदीय नवरात्र अनुष्ठान का समापन हुआ। मंगलवार रात को भव्य जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें प्रेमदान चारण रानेरी ने अपने भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडित विजय कुमार जाजड़ा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन अनुष्ठान संपन्न करवाया। अमर सिंह पड़िहार और सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह चौहान मुख्य यजमान रहे। मोहन सिंह चौहान, ओम सिंह भाटी, मातृशक्ति और ग्रामीणों ने घी खोपरों की आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की। पुजारी ओम सिंह भाटी ने बताया कि ग्राम वासियों की ओर से सामूहिक कन्या पूजन हुआ, जिसमें 108 कन्याओं का पूजन कर भोजन करवाया गया। कथा वाचिका बृज राधे किशोरी वृंदावन, दानदाता पेमाराम गोदारा पीपासरिया, पूर्व सरपंच भंवरलाल गोदारा दुसारणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। शारदीय नवरात्र पर बीकानेर के रमेश कुमार बोहरा की प्रेरणा से सखाओं ने लगातार 9 दिनों तक गौवंश को विशाल भंडारा खिलाया।
दुलचासर गांव के गाजण माता मंदिर में बुधवार को महानवमी के अवसर पर माता का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मां का दिव्य श्रृंगार किया गया और मंदिर परिसर को सजाया गया। पुजारी जेठाराम जाजड़ा ने ज्योत प्रज्जवलित कर पूजा अर्चना करवाई। दुलचासर सहित सूडसर, टेऊ, देराजसर, गोपालसर, कोटासर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। महिलाओं ने ढोल पर घूमर नृत्य किया और मंदिर परिसर में आतिशबाजी की गई। रेवंत सेन सूडसर, देवीसिंह पड़िहार कोटासर, भंवरसिंह पड़िहार गोपालसर आयोजन में सहयोगी रहे। रेवंतसिंह पड़िहार ने बताया कि दुलचासर के सभी ग्रामीण उत्सव में शामिल हुए और सभी को प्रसाद का वितरण किया गया।