श्रीडूंगरगढ़ के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। विधायक ताराचंद सारस्वत ने किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्टि से मुलाकात की। मुलाकात का केंद्र बिंदु था समर्थन मूल्य पर मूंगफली और मूंग की खरीद के दौरान किसानों को पेश आ रही मुश्किलें।
विधायक सारस्वत ने कलेक्टर को बताया कि किसानों के पंजीयन में कई अड़चनें आ रही हैं। दस्तावेज़ों के सत्यापन में, खासकर बिजली बिल, पानी की पर्ची और सोलर कनेक्शन के भौतिक सत्यापन में अनावश्यक बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। इससे असली किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कतें हो रही हैं। किसानों का दर्द साझा करते हुए विधायक ने कलेक्टर से इन बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया।
विधायक की बात को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नम्रता वृष्टि ने तत्काल प्रभाव से ज़रूरी आदेश जारी किए। इन आदेशों में दो मुख्य बिंदुओं पर सुधार किए गए हैं, जो किसानों के लिए मददगार साबित होंगे।
पहला, यदि खेत का बिजली बिल परिवार के किसी सदस्य – जैसे पिता, माता, दादा-दादी, भाई या पत्नी – के नाम पर है, तो भी उसे स्वीकार किया जाएगा। अब किसानों को सिर्फ इस वजह से उपज बेचने से नहीं रोका जाएगा कि बिजली बिल उनके नाम पर नहीं है।
दूसरा, यदि किसी किसान ने हाल ही में कोई खेत खरीदा है और बिजली बिल अभी भी पुराने मालिक के नाम पर है या नाम परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है, तो विद्युत विभाग की नाम परिवर्तन रसीद या रजिस्ट्री की कॉपी को वैध दस्तावेज़ माना जाएगा और टोकन स्वीकार किया जाएगा। इससे उन किसानों को सुविधा होगी जिन्होंने हाल ही में ज़मीन खरीदी है और जिनके दस्तावेज़ अभी पूरी तरह से अपडेट नहीं हुए हैं।
इन सुधारों के बाद विधायक सारस्वत ने खुशी जताते हुए कहा कि इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी और प्रशासनिक परेशानियां भी कम होंगी। उन्होंने कलेक्टर वृष्टि के त्वरित निर्णय लेने की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इन सुधारों का ज़मीनी स्तर पर किसानों को कितना लाभ मिलता है। निश्चित रूप से, यह कदम किसानों के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आया है और उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगा।