श्रीडूंगरगढ़, 4 नवंबर 2025। शांत माने जाने वाले श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में सोमवार की सुबह एक अप्रिय घटना घटी। एक व्यक्ति को सरे राह रोककर न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके गले से सोने की चैन भी छीन ली गई। पीड़ित ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने अपने साथ हुई आपबीती बयान की है और न्याय की गुहार लगाई है।
घटनाक्रम के अनुसार, मोमासर बास के रहने वाले 35 वर्षीय श्रवण कुमार, जो कि एक नेत्र चिकित्सालय में कार्यरत हैं, सुबह लगभग 9 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर काम पर जा रहे थे। जैसे ही वे मैन बाजार के पास पहुंचे, दो लोगों ने उनकी गाड़ी के आगे आकर रास्ता रोक लिया। ये दो लोग थे ललिता देवी और विकास, दोनों मोमासर बास के ही निवासी हैं।
श्रवण कुमार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ललिता देवी ने उन्हें कॉलर पकड़कर नीचे उतारा और अपशब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद विकास ने बेल्ट से उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें पेट में चोटें आईं। आरोप है कि इसी दौरान विकास ने उनके गले से सोने की चैन भी तोड़ ली और दोनों ने मिलकर उन्हें थप्पड़ों और मुक्कों से पीटा।
बताया जाता है कि शोर सुनकर सोनू नामक एक व्यक्ति ने बीच-बचाव कर श्रवण को हमलावरों से छुड़ाया।
पीड़ित श्रवण कुमार ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना के दौरान उनकी माताजी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि ललिता देवी का पति, विष्णु कुमार, उनके घर पर आया और उसने वहां गालियां दीं और अभद्र व्यवहार किया। जब उनकी माताजी बाहर आईं तो विष्णु कुमार ने उनका हाथ पकड़कर उनसे दुर्व्यवहार किया।
पुलिस ने श्रवण कुमार की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और घटना की गहनता से जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने कस्बे में सनसनी फैला दी है और लोग इस बात से चिंतित हैं कि इस प्रकार की घटनाएं दिनदहाड़े कैसे हो रही हैं। पुलिस अब इस मामले की तह तक पहुंचने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रयासरत है।