पशुपालन विभाग के मंत्री जोगाराम पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस खबर को साझा करते हुए सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से पशुधन के स्वास्थ्य और देखभाल में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
जारी सूची के अनुसार, श्रीडूंगरगढ़ के विभिन्न गांवों में इन पशु परिचरों को पदस्थापित किया जाएगा। इनमें कुंतासर में प्रभुदयाल सहू, दुसारणा में अशोक कुमार गोदारा, मोमासर में राकेश कुमार सहू, और रीड़ी में गंगा भागुनाथ सहित कुल 38 अभ्यर्थी शामिल हैं। इन सभी को क्षेत्र के विभिन्न पशु चिकित्सालयों और उपकेंद्रों में अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलेगा।
ये नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब पशुधन किसानों के जीवन का एक अभिन्न अंग है। पशु परिचरों की भूमिका पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, और बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में, इन नए नियुक्तियों से पशु चिकित्सा सेवाओं में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
क्षेत्र के नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे पशुधन के स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से लाभ होगा।
यह देखना दिलचस्प होगा कि ये 38 पशु परिचर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं को किस प्रकार बेहतर बनाते हैं और किसानों के जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव लाते हैं।