24 नवंबर, 2025, श्रीडूंगरगढ़: शांत गुसाईंसर बड़ा गांव में रविवार की रात एक गहरा दुख लेकर आई। नायरा पेट्रोल पंप पर हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक युवा जीवन को असमय ही छीन लिया।
देर रात, लगभग 2 बजे, पेट्रोल पंप पर काम करने वाले 23 वर्षीय लूणाराम, डीजल टैंक के ढक्कन को बंद करने में व्यस्त थे। ये एक आम रात का सामान्य काम था, पर होनी को कुछ और ही मंज़ूर था। अचानक, लूणाराम का पैर फिसला और वो भारी ढक्कन के साथ ही टैंक में जा गिरे। लोहे का भारी ढक्कन सीधे उनके गले और सिर पर आ गिरा, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।
परिस्थिति की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लूणाराम का शरीर टैंक में फंस गया था, केवल सिर और एक पैर बाहर दिख रहे थे।
मृतक की पहचान लूणाराम के रूप में हुई, जो गुसाईंसर बड़ा के ही निवासी तोलाराम गोदारा के पुत्र थे। घटना की खबर मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और शव को श्रीडूंगरगढ़ के उप जिला अस्पताल की मोर्च्यूरी में रखवाया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार, लूणाराम हर दिन की तरह अपना काम निपटा रहे थे, जब ये हादसा हुआ। पैर फिसलने से हुआ ये हादसा इतना भयानक था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ढक्कन का किनारा सीधे लूणाराम के गले और सिर पर लगा और उनके साथी कर्मचारी उन्हें बाहर निकाल पाते, उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
लूणाराम की असामयिक मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के मुताबिक, लूणाराम परिवार का सहारा थे और उन्होंने कुछ महीने पहले ही पेट्रोल पंप पर नौकरी शुरू की थी। इस युवा जीवन की अचानक समाप्ति ने गुसाईंसर गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। ये घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है और पल भर में सब कुछ बदल सकता है।