माना जा रहा है कि इन केंद्रों के खुलने से किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए दूर-दराज के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही, उम्मीद है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसानों के लिए यह प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।
कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए विधायक सारस्वत ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद, किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार है और यह उनकी मेहनत का सही मूल्य सुनिश्चित करती है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और सहकारिता मंत्री गौतम दक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखकर लगातार लोक-कल्याणकारी फैसले ले रही है।
विधायक सारस्वत ने आगे कहा कि आने वाले समय में सरकार खेती-किसानी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई विकास योजनाओं को लागू करेगी, जिससे किसान समुदाय को व्यापक लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर बहादुर नाथ सिद्ध, पूर्णनाथ महिया, मदननाथ गोदारा, सांवरमल पारीक, मदनलाल मेघवाल, विश्वनाथ ज्याणी, भैरनाथ साईं, हुकमाराम ज्याणी, रामकुमार पारीक, मुलनाथ सिद्ध, गोविंद पारीक, मंडल अध्यक्ष नरेश मोट, राधेश्याम दर्जी, महेश राजोतिया, भरत सारस्वत, मदन सोनी, महेंद्र कुमार पारीक, समिति अध्यक्ष तुलसीराम गोदारा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
नए केंद्रों के खुलने से किसानों में एक नई आशा का संचार हुआ है। अब देखना यह है कि ये केंद्र किसानों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को किस प्रकार सुदृढ़ करते हैं।