श्रीडूंगरगढ़, 26 नवंबर 2025। लोकतंत्र के महापर्व की तैयारी ज़ोरों पर है। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का कार्य प्रगति पर है, जहाँ कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की एक प्रेरक कहानी सामने आई है।
विधानसभा क्षेत्र में कुल 243 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) में से 16 ने गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कर मिसाल कायम की है। इन कर्मठ अधिकारियों में से एक को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है, वहीं तीन अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी नम्रता वृष्णि ने कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सेवा भाव से कार्य पूर्ण करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इन अधिकारियों में देवीलाल छरंग, ललित कुमार शर्मा, रणजीत सिंह, गिरधारीलाल, गंगाधर शर्मा, श्रवण कुमार शर्मा, रामनिवास मीणा, ओमप्रकाश लेघा, ओमप्रकाश पोटलिया, राजेश्वरराम, विपीनचंद्र मोटसरा, इंद्रचंद, प्रेमनाथ सिद्ध, गजानंद स्वामी, सुमेराराम सारण और मामराज सिंवर शामिल हैं।
इनमें से बीएलओ रणजीत सिंह ने सबसे पहले शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण किया था, जिसके लिए उन्हें राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 20 बीएलओ को सम्मानित किया गया, जिनमें श्रीडूंगरगढ़ के देवीलाल छरंग, इंद्रचंद और रामनिवास मीणा शामिल रहे।
इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारी शुभम शर्मा ने सभी सुपरवाइजरों व बीएलओ की बैठक लेकर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर एसआईआर (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए लगातार बैठकें और कार्य निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रामीण अंचल में एसआईआर का काम ज़ोर-शोर से पूर्णता की ओर है, वहीं शहर में प्रवासी नागरिकों और अन्य समस्याओं के चलते कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
शर्मा ने सभी सुपरवाइजरों से एक-दूसरे का सहयोग करते हुए एसआईआर का कार्य सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि हम सभी श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में अतिशीघ्र शत-प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा करने में सफल होंगे। बैठक में तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा सहित निर्वाचन शाखा के सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
इन अधिकारियों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा ने लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने का संकल्प दिलाया है। यह घटनाक्रम न केवल श्रीडूंगरगढ़ के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा है।