धर्म ध्वजा स्थापना के साथ नौ दिवसीय रामलीला का मंचन शुरू।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। सूडसर उप तहसील क्षेत्र के गांव टेऊ की मुख्य चौपाल पर चैत्र नवरात्रा के अवसर पर धर्म ध्जवा स्थापना के साथ नौ दिवसीय रामलीला का मंचन शुरू हुआ। रामलीला मंचन व प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन व गणेश पूजन के साथ विधिवत रुप से रामलीला का मंचन प्रारंभ किया गया। प्रसिद्ध रामलीला मंडल काशी बनारस का जय मां भवानी श्रीरामायण प्रचारक मंडल के कलाकारों द्वारा यहां रामलीला का मंचन किया जाएगा। पहले दिन रावण के अहंकार, पृथ्वी की पुकार व भगवान विष्णु के अवतार लेने के आश्वासन का मंचन किया गया। रामलीला का मंचन रात को 7.30 बजे से 10.30 बजे तक होगा। इस दौरान समाजसेवी धुड़दास स्वामी के सान्निध्य में हिन्दू नववर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश सुथार, संयोजक रेवंत सैन, श्रवणदास स्वामी, गिरधारी भादू, हनुमान कूकणा, मामराज नाई, कुंभाराम, ओमप्रकाश नाई सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजन करवाया और फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया।
कल कीतासर बीदावतान से देशनोक जाएगी डाक ध्वजा यात्रा।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। कल सुबह 6 बजे श्रीकरणी माता मंदिर कीतासर बीदावतान से देशनोक के लिए विशाल डाक ध्वजा यात्रा रवाना होगी। चैत्र नवरात्र में चौथी फेरी के लिए रवाना होने वाली डाक ध्वजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। श्रीदुर्गा शक्ति मंडल के अध्यक्ष पवन कुमार तिवाड़ी ने बताया कि अनेक युवाओं द्वारा धूमधाम से यात्रा की तैयारियां की जा रही है।
शौर्य, स्वाभिमान और संस्कारों की धरती: राजस्थान’ विषय पर 29 को होगी संगोष्ठी।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। राजस्थान स्थापना दिवस पर राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति द्वारा 29 मार्च को संस्कृति भवन में समारोह पूर्वक मनाया जाता है। समिति अध्यक्ष श्याम महर्षि व मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि ‘शौर्य, स्वाभिमान और संस्कारों की धरती: राजस्थान” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में प्रख्यात शिक्षाविद् इतिहासकार डॉ. कमल कोठारी की अध्यक्षता में की जाएगी। समारोह के मुख्य अतिथि मोटीवेशनल स्पीकर डॉ. गौरव बिस्सा और विशिष्ट अतिथि कमाण्डेंट सीमा हिंगोनिया होगी। समारोह में विषय व्याख्यान शिक्षाविद् लेखक डॉ चक्रवर्ती श्रीमाली का होगा। व्याख्यान इतिहास से वर्तमान तक के राजस्थान के जीवंत शौर्य मूल्य, मर्यादा से आधुनिक पहचान के स्वाभिमान, परम्परा से सामाजिक चेतना के संस्कार, पुरातन से नेतृत्व की ओर अग्रसर नारी, राजस्थान के मरूस्थल, पर्यावरण और सतत विकास, राजस्थान का संघर्ष और समकालीन राजस्थान की परम्परा व प्रगति पर केंद्रित होगा। समारोह संयोजक लेखिका भगवती पारीक द्वारा किया जाएगा।