श्रीडूंगरगढ़, 10 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ कृषि मंडी में आज जिंसों के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन कुछ फसलों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। मंडी में मोठ, मैथी और ईसबगोल के भाव में तेजी दर्ज की गई, जिससे व्यापारियों और किसानों दोनों में उत्साह का माहौल है।
मंडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आज ग्वार का भाव 4350/- से 4431/- रुपये प्रति क्विंटल रहा, वहीं काला ग्वार 4200/- से 4350/- रुपये तक बिका। मोठ का भाव 4000/- से 4500/- रुपये तक रहा, जबकि दागी मोठ 3500/- से 4000/- रुपये के बीच बिका।
चना 5100/- से 5350/- रुपये और रूसी चना 5300/- से 5600/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार करता दिखा। मैथी नई की कीमत 4300/- से 5000/- रुपये तक रही।
गेहूं 2500/- से 2600/- रुपये और गेहूं 1482 किस्म 2800/- से 3000/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी। बाजरी का भाव 2450/- से 2550/- रुपये और देसी बाजरी 3000/- से 3500/- रुपये प्रति क्विंटल रहा।
तारामीरा नया 5400/- से 5500/- रुपये और सरसों नई 5600/- से 6200/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी। पीली सरसों का भाव 6300/- से 7200/- रुपये तक रहा।
ईसबगोल नया 8000/- से 9800/- रुपये और पैकेट ईसबगोल 10000/- से 11000/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। जीरा नया 14500/- से 16500/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार करता दिखा।
मूंग नया 6000/- से 6900/- रुपये और दागी मूंग 5000/- से 6000/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। मूंगफली खला नया 4000/- से 5350/- रुपये, सिकाई मूंगफली 5500/- से 6200/- रुपये, मूंगफली चुगा नया 4000/- से 4950/- रुपये, मूंगफली दाल 5200/- से 5850/- रुपये, मूंगफली कल्याणी 3500/- से 4500/- रुपये, मूंगफली बोबरू 3500/- से 4200/- रुपये और मूंगफली गोटा फ्रेश 6000/- से 6500/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी।
तिल का भाव 8500/- से 9000/- रुपये, मतीरा बीज 15000/- रुपये और काकरिया बीज 12000/- रुपये प्रति क्विंटल रहा। जौ नया 2150/- से 2200/- रुपये प्रति क्विंटल बिका।
नई खल 4000/- से 4400/- रुपये (जानकी ब्रांड) और मूंग चूरी (40kg) 900/- से 1200/- रुपये तथा मोठ चूरी (40kg) 850/- से 1000/- रुपये के भाव पर बिकी। नया धाना 5200/- से 9800/- रुपये और नरमा 7000/- से 7800/- रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका।
मंडी में जिंसों की आवक बनी हुई है और किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। भाव में आई यह तेजी निश्चित रूप से किसानों को राहत प्रदान करेगी और उन्हें आगे की फसलों की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करेगी।