ऊपनी, जहां हर खेत में ट्यूबवेल है और बिजली की खपत अधिक है, वहां किसानों को अब तक कम वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। क्षेत्र में पहले से ही दो 33 केवी के जीएसएस संचालित थे, लेकिन वे पर्याप्त साबित नहीं हो रहे थे। अब, ऊपनी तृतीय 33 केवी जीएसएस की स्वीकृति से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, नया जीएसएस लगभग 60 कृषि कुओं को जोड़ेगा, जिससे किसानों को वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। ऊपनी प्रथम जीएसएस, जिस पर पांच-पांच केवीए के दो बड़े पावर ट्रांसफार्मर लगे हैं और 270 कुएं जुड़े हुए हैं, पर दबाव कम होगा। वहीं ऊपनी द्वितीय में तीन केवीए का एक पावर ट्रांसफार्मर है, जिस पर 60 कुएं जुड़े हुए हैं। स्वीकृत तीसरे जीएसएस में भी तीन केवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगेगा, और 270 कुओं में से 60 कुएं इस पर स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। इससे प्रथम जीएसएस पर जुड़े 210 कुओं और तीसरे जीएसएस पर स्थानांतरित होने वाले 60 कुओं को वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण रत्तीराम गोदारा, लक्ष्मीनारायण गोदारा, भंवरलाल गोदारा, रूपाराम, अखाराम, पुराराम मेघवाल, हडमान शर्मा, मंगलाराम, मालाराम तर्ड, मोतीनाथ आदि ने इस स्वीकृति के लिए विधायक ताराचंद सारस्वत, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, राज्य सरकार के बिजली मंत्री हीरालाल नागर और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने ऊपनी द्वितीय और अब स्वीकृत हुए ऊपनी तृतीय जीएसएस पर पावर ट्रांसफार्मर भी बड़ा रखवाने की मांग उठाई है।
ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के दौरान कोटासर को ग्राम पंचायत मुख्यालय बनाने के निर्णय से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने आपस में एक-दूसरे को बधाई दी और विधायक ताराचंद सारस्वत का आभार जताया।
भाजपा के पूर्व जिला मंत्री अगरसिंह कोटासर ने बताया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय बनने से गांव में विकास की नई गति शुरू होगी और पंचायत भवन, चिकित्सा केंद्र, उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसी पंचायत स्तरीय राजकीय सेवाएं गांव में ही ग्रामीणों को मिल सकेंगी।