श्रीडूंगरगढ़, 4 अक्टूबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में दशहरे पर स्थापना दिवस के बाद से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पथ संचलनों का सिलसिला जारी है। संघ के शताब्दी वर्ष में पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के संचलन कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिनमें स्वयंसेवक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
संघ के संचालकों से मिली जानकारी के अनुसार, विजयादशमी उत्सव के अंतर्गत शनिवार को हेमासर मंडल का उत्सव बेनीसर गांव में आयोजित किया गया। इस उत्सव में बेनीसर, भोजास, लखासर, हेमासर और गजपुरा के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इसी क्रम में, पूनरासर मंडल का कार्यक्रम पूनरासर गांव में आयोजित हुआ, जिसमें मनकरासर, राजपुरा, समंदसर, पूनरासर के स्वयंसेवक शामिल हुए। कस्बे में आड़सर बास बस्ती का उत्सव आदर्श विद्या मंदिर में संपन्न हुआ।
इन सभी स्थानों पर ग्रामीणों ने पथ संचलनों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत शस्त्र पूजन से हुई। बौद्धिक कार्यकर्ताओं ने संघ की विकास यात्रा, चुनौतियों, विरोध और सामाजिक स्वीकृति के विभिन्न पड़ावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संघ के विस्तार, पंच परिवर्तन और आगामी 1 से 16 नवंबर तक आयोजित होने वाले व्यापक गृह संपर्क अभियान तथा 20 जनवरी से 10 फरवरी तक होने वाले मंडल/बस्ती अनुसार हिंदू सम्मेलन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
पूनरासर में मोमासर खंड कार्यवाह ओमप्रकाश लखारा, आड़सर बास में बीकानेर विभाग कुटुंब प्रबोधन गतिविधि प्रमुख गंगासिंह और बेनीसर में बीकानेर विभाग कार्यवाह प्रदीप कुमार बौद्धिक वक्ता के रूप में उपस्थित थे। पूनरासर गांव में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ जाखड़ ने की। उत्सव में स्वयंसेवकों के साथ समाज के बंधु और मातृशक्ति भी अच्छी संख्या में शामिल हुईं।
सूत्रों के अनुसार, इसी क्रम में रविवार को जाखासर मंडल का विजयदशमी उत्सव एवं पथ संचलन जाखासर गांव में, लिखमादेसर मंडल का लिखमादेसर गांव में और सेरूणा मंडल का सेरूणा गांव में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने के संघ के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।