श्रीडूंगरगढ़ ONE 17 फरवरी 2026। पशुपालकों के लिए मंगलवार को एक खास खबर लूनकरणसर में आयोजित 6 दिवसीय राज्य स्तरीय पशु मेला–2026 से आई है। मेले में पशुपालकों के लिए विशेषज्ञ संवाद कार्यक्रम रखा गया। जिसमें पशुपालकों को ऊँटों की शल्य चिकित्सा के बारे में उपयोगी और व्यवहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में दुलचासर के प्रथम श्रेणी पशुचिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष घारू ने ऊँटों में होने वाली विभिन्न जटिल शल्य चिकित्सा समस्याओं पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि समय पर सही उपचार न मिलने से अनेक ऊँट असमय कालग्रस्त हो जाते हैं, जबकि उचित शल्य चिकित्सा से उनका जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने लेसरेटेड नोस्ट्रिल (नाक के घाव) कोमल तालू (डूल्ला) फटने के बाद की सर्जरी मेंडिबल फ्रैक्चर (जबड़े की हड्डी टूटना) टेल गैंग्रीन, पथरी, हर्निया सेडल गाल सहित अन्य जटिल शल्य रोग आदि पर विस्तार से जानकारी दी।
व्याख्यान के दौरान पशुपालकों ने बड़ी उत्सुकता से अनेक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान डॉ. घारू ने सरल, व्यावहारिक और उदाहरणों सहित समाधानपरक जवाब दिए। शल्य चिकित्सा की वैज्ञानिक जानकारी पाकर पशुपालक उत्साहित हुए और भविष्य में समय रहते उपचार करवाने का संकल्प लिया।
इस 6 दिवसीय मेले में पशुओं का क्रय विक्रय, पशुओं के मध्य दौड़ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों व समस्त ग्रामीणों के साथ योग, मेहंदी प्रतियोगिता के साथ ही पशुपालकों के साथ विषय विशेषज्ञों द्वारा संवाद का कार्यक्रम रखें गए। इस कार्यक्रम में उपनिदेशक डॉ. राजेश स्वामी ने प्रबंधन संबंधी, वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. दीनू खां ने मौसम संबंधी और डॉ. सुभाष घारू ने शल्य चिकित्सा सम्बन्धी व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशुपालक व ग्रामीण किसान उपस्थित रहे।