कार्यक्रम की शुरुआत एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य की अध्यक्षता में हुई। उपस्थित जनसमूह ने सारण जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया।
वक्ताओं ने स्वर्गीय सारण को गरीब, किसान और मजदूरों की बुलंद आवाज़ बताया। उन्होंने कहा कि सारण जी ने अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से एक मिसाल कायम की, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने कहा कि लूणाराम सारण जैसे लोकनायक समाज में विरले ही होते हैं। पूर्व प्रधान सुरजमल चौधरी ने उन्हें आजीवन सर्वसमाज के लिए संघर्षरत रहने वाला योद्धा बताया। पूर्व जिला प्रमुख मेघाराम महिया ने कहा कि विद्यार्थियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सारण को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
छात्रावास प्रबंध समिति के अध्यक्ष एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य ने कहा कि सारण के विचार आज भी समाज को दिशा दिखाते हैं। वे सर्वोदय समाज की विचारधारा से प्रेरित होकर जीवनभर समाजहित में समर्पित रहे।
कार्यक्रम में समाजसेवी तुलसीराम चोरडिया, सेवानिवृत्त न्यायाधीश दयाराम गोदारा, तुलछीराम गोदारा, लक्ष्मणराम खिलेरी, सुभाष पुनिया समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने सारण के संघर्षमय जीवन और जनहित के कार्यों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सुशील सेरडिया ने किया। उन्होंने सारण की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन समाजसेवा के लिए समर्पित रहा।
इस अवसर पर प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। सारण की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर 28 सितंबर को सामान्य ज्ञान, भाषण और कविता प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 12 विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
* **6 से 14 वर्ष आयु वर्ग:** नरेंद्र मालावत, दामिनी सारस्वत, गौरव राणा
* **14 से 18 वर्ष आयु वर्ग:** विकास भुंवाल, भावना पारीक, कविता
* **18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग:** कन्हैयालाल, परमेश्वरलाल ज्याणी, विक्रम भुंवाल
* **भाषण व कविता प्रतियोगिता:** गार्गी गुर्जर, गीता, दिव्यांशी
कार्यक्रम के अंत में छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू और बिग्गा सरपंच जसवीर सारण ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम लूणाराम सारण के आदर्शों को याद रखने और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने का एक सार्थक प्रयास था।