11 अक्टूबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ के अनाज मंडी में एक विशेष चहल-पहल देखने को मिली। वजह थी प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ। नई दिल्ली में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यहां कृषि उपज मंडी में किया गया, मानो दिल्ली श्रीडूंगरगढ़ के किसानों के द्वार पर आ गई हो।
कृषि और कृषि विपणन विभाग ने मिलकर इस जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया था। मंडी परिसर में किसानों और जनप्रतिनिधियों का उत्साह देखते ही बनता था। वे सभी एक साथ मिलकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास और श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इनके साथ सुमन छाजेड़, श्याम पंचारिया, व्यापार मंडल अध्यक्ष और मंडी के व्यवसायी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सबकी नज़रें स्क्रीन पर टिकी थीं, जहां से नई दिल्ली में हो रहे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हो रहा था।
ज़िला कलक्टर नम्रता वृष्णि, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहनलाल और अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रमेश यादव के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक मदनलाल, उद्यान विभाग के दयाशंकर और कृषि विपणन के दयानंद सिंह ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृषि विभाग के सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत, उपनिदेशक कृषि जयदीप दोगने, रामकिशोर मेहरा, मीनाक्षी शर्मा, राजुराम डोगीवाल, रामनिवास गोदारा, कविता गुप्ता, धन्नाराम बेरड़ और कृषि विपणन विभाग से सचिव मंडी समिति उमेश शर्मा और नवीन गोदारा की टीम ने भी अथक प्रयास किए।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने किया। उन्होंने अपनी कुशल वाणी से कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।
इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को कृषि के क्षेत्र में हो रहे नए विकास कार्यों की जानकारी मिली। साथ ही, उन्हें यह भी पता चला कि सरकार उनकी आय बढ़ाने और कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कितनी गंभीर है। यह कार्यक्रम श्रीडूंगरगढ़ के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव था, जो उन्हें भविष्य में और भी बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।