बुधवार को श्रीडूंगरगढ़ के कालूबास स्थित लर्न एंड फन स्कूल में नवररात्र के समापन पर महानवमी का आयोजन किया गया। यह उत्सव न केवल विद्यालय के प्रांगण में उमंग और उत्साह का संचार कर रहा था, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति बच्चों के गहरे जुड़ाव का भी प्रतीक था।
विद्यालय के नन्हें-मुन्ने विद्यार्थी रंग-बिरंगे परिधानों में सजे हुए थे और उनके चेहरों पर उत्सव की चमक देखते ही बनती थी। कार्यक्रम की शुरुआत माँ दुर्गा की आराधना से हुई। प्राचार्य विनिता सारस्वत और विद्यालय के समस्त स्टाफ ने मिलकर माँ का पूजन किया।
इस अवसर पर प्राचार्य विनिता सारस्वत ने माँ दुर्गा के नौ रूपों की महिमा का वर्णन करते हुए बच्चों को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा शक्ति का प्रतीक हैं और हमें उनसे अन्याय के खिलाफ लड़ने और हमेशा सच्चाई का साथ देने की प्रेरणा मिलती है।
इसके बाद, बच्चों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। नन्हें कलाकारों ने अपनी नृत्य कला से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी हर अदा में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम था।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। बेस्ट सोलो डांस में हर्षिता, भूमि जोशी, नंदिता पारीक, मनस्वी, लक्ष्मी तावणियां और मनन पारीक ने पुरस्कार जीते। बेस्ट ड्रेस के लिए ध्रुवी, चैरी, निषिद्धा तावणियां और देविका को पुरस्कृत किया गया। वहीं, बेस्ट ड्यूएट डांस में गर्वित व भाविका और प्रिशा व खुशी कंवर विजेता रहे।
उत्सव के दौरान बच्चों में प्रसाद का वितरण किया गया। विद्यालय का पूरा स्टाफ आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटा रहा, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि हर बच्चा इस उत्सव का आनंद ले सके।
लर्न एंड फन स्कूल में आयोजित यह महानवमी समारोह न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने और उनमें सामाजिक मूल्यों को विकसित करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर था।