श्रीडूंगरगढ़, 26 सितंबर 2025। शुक्रवार का दिन श्रीडूंगरगढ़ के बाजार में रेहड़ी-पटरी वालों, मनियारी दुकानदारों और स्थानीय प्रशासन के बीच गहमागहमी भरा रहा। यह घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब सुबह नगरपालिका और पुलिस की एक टीम बाजार में पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, यूनियन ने आरोप लगाया कि टीम ने ठेला संचालकों के कांटे उठाकर जीप में डाल दिए, जिससे बाजार में तनाव बढ़ गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एसएफआई नेता मुकेश ज्याणी, गौरव टाडा, ताहिर काजी और जावेद बेहलीम मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। उनके हस्तक्षेप के बाद, नगरपालिका और पुलिस प्रशासन की टीम वापस लौट गई।
मुकेश ज्याणी ने कहा कि ठेला, रेहड़ी और मनियारी संचालक अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं और उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से इन गरीबों को स्थायी स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सुबह लगभग 11 बजे और दोपहर लगभग 3 बजे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विरोध प्रदर्शन हुए।
इस मामले को सुलझाने के लिए शनिवार को पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया के कार्यालय में एक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में यूनियन सदस्यों के साथ-साथ महिया, किसान सभा और एसएफआई के अन्य नेता भी शामिल होंगे।
वहीं, दूसरी ओर, नगरपालिका के सफाई निरीक्षक हरीश गुर्जर का कहना है कि पालिका कर्मियों और पुलिस दल ने आधिकारिक आदेशों का पालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ युवकों ने पालिका कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया, जो कि उचित नहीं था। गुर्जर ने स्पष्ट किया कि जो भी कार्रवाई होगी, वह नियमानुसार ही होगी। उन्होंने बताया कि पालिका कर्मियों और पुलिस दल ने ठेला संचालकों को केवल आदेशों का पालन करने के लिए समझाने का प्रयास किया था।
अब देखना यह है कि पूर्व विधायक की मध्यस्थता से इस मामले का क्या हल निकलता है और रेहड़ी-पटरी वालों को राहत मिल पाती है या नहीं। यह घटना श्रीडूंगरगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है, और हर कोई आगे की कार्रवाई पर नज़र रख रहा है।