श्रीडूंगरगढ़, 4 अक्टूबर, 2025: हवा में उत्साह घुला था, और दिलों में उमंग। मौका था, गांव मोमासर के लाडले गोपी बांगड़वा का, जिसने राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
कहानी शुरू होती है चिड़ावा, झुझुनूं से, जहां स्कूली शिक्षा खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में, मोमासर के बजरंगलाल बांगड़वा के पुत्र गोपी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 19 वर्षीय गोपी ने फ्री स्टाइल के 74 किलो भार वर्ग में भाग लिया, और अपने दमखम और कौशल से सभी को परास्त करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ ही गोपी ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया है, जो निश्चित रूप से उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
शनिवार की सुबह जब गोपी अपने गांव मोमासर पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने उन्हें पलकों पर बिठा लिया। एक युवा जुलूस निकाला गया, जो उन्हें गांव के भोमिया जी मंदिर तक ले गया। मंदिर के निकट ही एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा शामिल हुए।
एसएफआई नेता बीरबल पूनियां ने बताया कि सभी ने गोपी को बधाई दी और उन्हें मालाएं पहनाकर, साफा बांधकर मुंह मीठा करवाया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच जेठाराम भाम्मू, पूर्व जिला परिषद सदस्य सुभाष कमलिया, और सत्तासर सरपंच सुनील मलिक ने भी गोपी को शुभकामनाएं दीं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गोपी को पूरी मेहनत और लगन से तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस खुशी के अवसर पर विजयपाल भामूं, हरी बैरा, राकेश बेनीवाल, गोपाल सारण, धनराज भामू, बजरंग बांगड़वा, रामुराम बांगड़वा, चतराराम सियाग सहित अनेक ग्रामीण और युवा उपस्थित थे, जिन्होंने गोपी को अपना आशीर्वाद और समर्थन दिया।
गोपी की यह जीत, युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। यह दिखाती है कि यदि मन में लगन हो और मेहनत करने का जज्बा हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अब सबकी निगाहें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां गोपी से एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है।