बीकानेर के राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीते गुरुवार एक विशेष आयोजन हुआ। महाविद्यालय में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) और स्वयं सहायता समूह (SHG) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक दिवसीय जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों की बारीकियों से परिचित कराना था।
प्राचार्य प्रो. भगवाना राम बिश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर गवर्नमेंट डूंगर कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. ललित कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों को लाभान्वित किया।
डॉ. ललित कुमार ने अपने व्याख्यान में MSME और SHG की अवधारणा को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ये उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि MSME न केवल युवाओं को रोजगार प्रदान करते हैं, बल्कि कई परिवारों को आर्थिक रूप से स्थिर करने में भी सहायक हैं। डॉ. कुमार ने नाबार्ड की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बीकानेर क्षेत्र में सक्रिय SHG समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों के उदाहरणों से विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
आज के चुनौतीपूर्ण समय में सॉफ्ट स्किल्स के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. कुमार ने नेगोशिएशन, कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसे कौशलों को आवश्यक बताया। उन्होंने इन कौशलों को उद्योग और रोजगार से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को उपयोगी सुझाव दिए, जो उनके भविष्य में काम आएंगे। व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों ने खुलकर प्रश्न पूछे, जिनके डॉ. कुमार ने विस्तार से उत्तर दिए।
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. मीनाक्षी कुमावत ने MSME और SHG को भारत की आर्थिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इन समूहों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लाखों परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया है।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. कुमुद जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। व्याख्यान में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।