श्रीडूंगरगढ़ ONE 6 जनवरी 2026। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में अणुव्रत समितियों के प्रशिक्षण, साधना एवं समन्वय के उद्देश्य से आयोजित योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुसुम लूनिया, अणुव्रत प्रकाशन सदस्यता प्रसार के राष्ट्रीय संयोजक विनोद बच्छावत, पर्यावरण प्रकल्प की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. नीलम जैन एवं अशोक चोरड़िया सहित अन्य पदाधिकारी रविवार को श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे। इस अवसर पर मालू में अणुव्रत समिति की ओर से सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी संगीतश्री एवं साध्वी डॉ. परम प्रभा के सानिध्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर साध्वी संगीतश्री ने कहा कि आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि अन्य समाजों को भी नैतिकता, प्रामाणिकता एवं संयम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन के बिना संसार दिशाहीन हो जाता है और आचार्य तुलसी ने छोटे-छोटे अणुव्रत नियमों के माध्यम से पूरे देश को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान की। साध्वी डॉ. परम प्रभा ने कहा कि आचार्य तुलसी के सपने और ध्येय ने असंख्य लोगों का जीवन बदला है। अणुव्रत को अपनाने से लोगों व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आया है, व्यापार में प्रामाणिकता बढ़ी है तथा नशामुक्ति को भी बल मिला है।
कार्यक्रम में सत्यनारायण स्वामी ने अणुव्रत प्रकल्पों की जानकारी देते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुसुम लूनिया ने अणुव्रत संगठन यात्रा के उद्देश्य और गतिविधियों की जानकारी दी तथा डिजिटल डिटॉक्स, सदस्यता अभियान, जीवन विज्ञान और अणुव्रत आंदोलन के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. नीलम जैन ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए इको-फ्रेंडली थैलों के उपयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति के विशाल स्वामी, तुलसीराम चोरड़िया, अशोक बेद, शुभकरण पारीक, अनिल धायल, कुंभाराम घिंटाला, मुकेश स्वामी, अशोक झाबक, पवन सेठिया, मधु झाबक, दीपमाला डागा, सुनीता डागा, मंजू झाबक सहित तेरापंथ युवक परिषद के पदाधिकारियो ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में सुमित बरड़िया ने अणुव्रत गीत का गायन किया और केएल जैन ने मंच संचालन करते हुए सभी का आभार जताया।