14 नवंबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ में एक नई पहल का उदय हुआ। तेरापंथ समाज की युवतियों को एक ऐसा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और समाज में अपनी भूमिका को सशक्त बना सकें, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल ने युवती मंडल की स्थापना की है।
इस नवनिर्मित युवती मंडल का पहला कार्यक्रम, “सखी समिट उड़ान संस्कारों की” कस्बे के महिला मंडल भवन में आयोजित किया गया। यह आयोजन एक शुभ और प्रेरणादायक शुरुआत थी, जहाँ समाज की युवा महिलाओं को एकत्रित होकर अपने विचारों को साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत में, महिला मंडल की पदाधिकारियों ने युवती मंडल में शामिल हुईं सभी युवतियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद, साध्वीश्री के मंगलपाठ से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया।
अगले पाँच मिनट ओम-भिक्षु के सामूहिक जाप से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के साथ, “सखी समिट” का आयोजन शुरू हुआ।
इस समिट में, मधु झाबक ने “डिग्री से मिलती है हर डगर?” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमेशा डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने व्यापार में डिग्री का इंतजार करने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़कर सफलता प्राप्त की।
विजेता चोपड़ा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के समय में डिग्री से अधिक प्रतिभा का महत्व है। वहीं, सरिता बोथरा ने डिग्री के महत्व को रेखांकित किया। वक्ताओं ने विषय के पक्ष और विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत किए, जिससे युवतियों को गहराई से सोचने का अवसर मिला।
अंत में, युवतियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे निपुणता के साथ अपना कार्य करेंगी और डिग्री के अभाव में भी आत्मविश्वास कम नहीं होने देंगी। उन्होंने पूरे जोश के साथ स्वयं को साबित करते हुए हर कार्य में अपना 100 प्रतिशत देने का वादा किया।
इस अवसर पर आपसी परिचय का दौर भी चला, जिससे युवतियों को एक-दूसरे को बेहतर ढंग से जानने का मौका मिला। मंडल द्वारा आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिससे युवतियों को भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी मिली और वे उत्साहित हुईं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेलों का भी आयोजन किया गया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस मनोरंजन से भरपूर गतिविधि ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का संचार किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन तेरापंथ महिला मंडल मंत्री अंबिका डागा ने किया। उन्होंने अपनी कुशलता और समर्पण से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
“सखी समिट उड़ान संस्कारों की” एक ऐसा आयोजन था जिसने तेरापंथ समाज की युवतियों को एक नई दिशा दी है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ वे अपने सपनों को साकार कर सकती हैं और समाज में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। यह कार्यक्रम न केवल युवतियों के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश लेकर आया।