सूत्रों के अनुसार, एसडीएम शर्मा अस्पताल परिसर में फैली गंदगी को देखकर नाराज़ हुए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए, जिससे अस्पताल में स्वच्छता बनी रहे और मरीजों को स्वस्थ वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जाँच में यह पाया गया कि तीन नर्सिंग ऑफिसर्स और एक एएनएम अपने ड्यूटी समय पर अनुपस्थित थे। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने चारों कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पताल में नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए और सभी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
एसडीएम शर्मा ने अस्पताल में खड़ी 108 एम्बुलेंस की स्थिति का भी जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी दवाइयों और रिजेंट्स की उपलब्धता और उनकी एक्सपायरी डेट की भी जांच की कि मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों।
सीएचसी के निरीक्षण के बाद, एसडीएम शर्मा ने मोमासर के ग्राम पंचायत कार्यालय का भी निरीक्षण किया। वहाँ भी एक कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया, जिसके कारण उसे भी नोटिस जारी किया गया और जवाब माँगा गया है।
एसडीएम शुभम शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यालय समय का पूरी तरह से सदुपयोग होना चाहिए। उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात भी कही, जिससे सरकारी कामकाज में लापरवाही न हो।
उपखंड अधिकारी की इस सक्रियता से क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस निरीक्षण के बाद अस्पताल और पंचायत कार्यालय में क्या सुधार होते हैं और क्या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हैं।