कृषि विभाग के राज कुमार बेनीवाल और अमित गोदारा ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए। ये कार्ड किसानों के लिए एक तरह से खेत की मिट्टी का कुंडली-पत्र है, जिसमें मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों, कमी वाले तत्वों और जरूरी सुधारों की पूरी जानकारी दर्ज है। अधिकारियों ने किसानों को समझाया कि कैसे इस कार्ड के ज़रिये उर्वरकों का सही उपयोग करके लागत को घटाया जा सकता है और उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। किसानों को विभाग की ओर से मिलने वाले अनुदानों और योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
रबी सीजन की आहट के बीच, कृषि विभाग की टीम ने किसानों को समय पर सिंचाई, निराई-गुड़ाई और पोषण प्रबंधन करने की सलाह दी। उनका कहना था कि चना और सरसों जैसी फसलों में अधिकतम पैदावार तभी ली जा सकती है, जब समय पर सही कदम उठाए जाएं।
सहायक कृषि निदेशक रघुवर दयाल के निर्देश पर विभागीय टीम ने किसान रामदयाल, ओमप्रकाश गोदारा और टिक्कूराम मेघवाल के खेतों का फील्ड निरीक्षण भी किया। चना एवं सरसों की फसल की स्थिति को बारीकी से देखा गया और किसानों को उचित तकनीकी सुझाव दिए गए, ताकि वे अपनी फसलों को रोगमुक्त और समृद्ध बना सकें।
यह आयोजन किसानों को उनकी धरती माता के प्रति और अधिक सजग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड और विशेषज्ञों की सलाह के साथ, किसान अब अपनी मिट्टी को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और एक समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर हो सकेंगे।