श्रीडूंगरगढ़, 4 नवंबर, 2025। जिले में मूंग और मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने नियमों को और सख्त कर दिया है। किसानों को अब अपनी फसल की तुलाई के समय कुछ अतिरिक्त दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। यह कदम किसानों द्वारा गलत जानकारी दिए जाने की आशंकाओं के मद्देनज़र उठाया गया है।
कलेक्टर वृष्णि ने जिले की सभी क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के मुख्य व्यवस्थापकों को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में राजफैड के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसानों को अपनी जिंस की तुलाई के समय बिजली बिल, पानी की पर्ची या सोलर कनेक्शन का दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों की भौतिक जांच पंजीयन दस्तावेजों के साथ की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों द्वारा दी गई जानकारी सही है।
कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि बिना इन दस्तावेजों के किसी भी किसान की तुलाई नहीं की जाएगी। सभी समितियों को यह भी कहा गया है कि वे इन दस्तावेजों की प्रति सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच में आसानी हो।
कलेक्टर वृष्णि ने इस निर्णय के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि मूंग और मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होने से पहले ही विभिन्न स्रोतों से शिकायतें मिली थीं कि कुछ किसानों ने गलत गिरदावरी दर्ज कराई है। ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि सही किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर दस्तावेजों का सत्यापन सही तरीके से नहीं किया गया या विक्रय पर्चियां जारी करने में लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट संदेश है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने मूंगफली खरीद से जुड़े 70 हजार टोकनों का भौतिक सत्यापन कराने और गिरदावरी की 100% जांच के आदेश उपखंड अधिकारियों को दिए थे। यह कदम भी इसी दिशा में उठाया गया है, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाया जा सके।