यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाई प्रथम और द्वितीय के संयुक्त प्रयास और स्थानीय डिस्पेंसरी के सहयोग से आयोजित किया गया। महाविद्यालय परिसर में छात्राओं की खासी चहल-पहल देखी गई, सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और उत्सुक नजर आ रही थीं।
डिस्पेंसरी से आए नर्सिंग स्टाफ ने छात्राओं को कृमि संक्रमण के गंभीर परिणामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण कुपोषण, खून की कमी और थकान जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके साथ ही, यह बच्चों और युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। नर्सिंग स्टाफ ने छात्राओं को कृमि संक्रमण से बचाव के सरल और प्रभावी तरीके भी बताए, जिन्हें अपनाकर वे स्वस्थ जीवन जी सकती हैं।
कार्यक्रम में एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमारी और डॉ. हिमांशु कांडपाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया और इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आयोजकों की सराहना की।
छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। उनके चेहरों पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। यह कार्यक्रम निश्चित रूप से छात्राओं को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा।