इस महत्वपूर्ण दल का नेतृत्व संयुक्त रूप से ईको भारत के संस्थापक और सीईओ सम्पत सारस्वत बामनवाली, और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे।
वाणिज्य विभाग की निदेशक तरुणा डोलिया के आधिकारिक पत्र से ज्ञात हुआ है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में देश के अग्रणी उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। फिक्की (FICCI), सीआईआई (CII), एसोचैम (ASSOCHAM) और इन्वेस्ट इंडिया के सदस्य इस वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
नई दिल्ली स्थित न्यूजीलैंड उच्चायोग को वाणिज्य विभाग ने इन प्रतिनिधियों की यात्रा और आवास संबंधी सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। इसका उद्देश्य यह है कि भारतीय दल बिना किसी बाधा के इस वार्ता में देश के हितों को प्रभावी ढंग से रख सके।
एफटीए वार्ता का मूल उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा प्रदान करना है। ऐसा माना जा रहा है कि इस समझौते से कृषि, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को नई दिल्ली से ऑकलैंड के लिए प्रस्थान करेगा। यह एक सप्ताह की यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।
इस अवसर पर सम्पत सारस्वत बामनवाली ने कहा, “यह भारत के लिए वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने का सुनहरा अवसर है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभारी हूँ, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए मुझ पर विश्वास जताया।”
सूत्रों के अनुसार, ऑकलैंड में न्यूजीलैंड सरकार के उच्च पदस्थ मंत्री और अधिकारी इस दौर की वार्ता में हिस्सा लेंगे, जहाँ दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान और संतुलित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खोलती है या नहीं।