श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष और राज्य मंत्री रामगोपाल सुथार, जो कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे, ने इस सम्मेलन को सांस्कृतिक जड़ों को मज़बूत करने, सामाजिक एकता को बढ़ावा देने और नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, “जब महिलाएं जागरूक होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति की ओर अग्रसर होता है। महासभा द्वारा इस प्रकार का मंच प्रदान करना एक सराहनीय पहल है।”
मंत्री सुथार ने सम्मेलन में उपस्थित महिलाओं के आत्मविश्वास और समाज सेवा के जज़्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और समाज को नई दिशा दे रही है।
सम्मेलन में राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीयाकुमारी, ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत, अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पंवार, अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम, राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सविता शर्मा, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रेणु जांगिड़, पूर्व अध्यक्ष गजानंद, कैलाश, संजय, महिला संघ सचिव पुष्पा जांगिड़ तथा भाजपा प्रदेश मंत्री अजीत मांडन सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज की उन्नति में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व के अवसर प्रदान करके ही समाज को एक नई दिशा दी जा सकती है।
सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन में संवाद सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें महिलाओं ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।