खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 6 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरों पर नकेल कसना है, ताकि आमजन की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को बीकानेर के करनी इंडस्ट्रीयल एरिया में मैसर्स एस एंटरप्राइजेज पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में सादा और रंगीन खीचिए (फिंगर) प्लास्टिक के कट्टों में भरे पाए गए। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खीचिए के चार नमूने लिए और 120 कट्टों में रखे लगभग 3000 किलो खीचिए को सीज कर दिया। खाद्य कारोबारी को सख्त निर्देश दिए गए कि खीचियों में 100 पीपीएम से अधिक रंग का प्रयोग न करें और कारखाने में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके साथ ही, फैक्ट्री को सुधार करने का नोटिस भी जारी किया गया।
इसके अलावा, फलोदी से आ रही एक पिकअप को रोका गया, जिसमें 1330 किलो मावा लदा हुआ था। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मावे को जब्त कर लिया। दो दिनों तक चली इस कार्रवाई में मावे के सात नमूने लिए गए। मावे का मालिक मौके पर नहीं आया और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर मावे को आबादी से दूर नष्ट कर दिया गया।
विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों को जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानू प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार और राकेश गोदारा शामिल थे।
त्योहारों के इस पावन अवसर पर मिलावटखोर अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आते। रंग, खुशबू और मिठास के नाम पर जहर घोलने वाले ये लोग आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं। इसलिए, आमजन से अनुरोध है कि वे सजग रहें, सतर्क रहें और केवल भरोसेमंद दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। आपकी सतर्कता ही मिलावटखोरों को परास्त कर सकती है और आपको स्वस्थ रख सकती है। याद रखें, सावधानी में ही सुरक्षा है।