मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों की लंबी कतारें मंदिर से लेकर नेशनल हाइवे तक दिखाई दीं, मानो पूरा क्षेत्र ही श्रद्धा के रंग में रंग गया हो। इस दौरान सातलेरा के युवाओं ने जल सेवा कर श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई।
मंदिर परिसर में भक्तों के लिए दो दिनों तक निःशुल्क भंडारे का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही, निःशुल्क मेडिकल सेवाओं की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
अखंड धुणे में ज्योत प्रज्ज्वलित की गई और हवन कुंड में आहुतियां दी गईं। पुजारी सोहनलाल जाखड़ ने विधिवत पूजन और आरती संपन्न करवाई। इस अवसर पर खेताराम जाखड़ ने बताया कि यहां अखंड धुणे की महिमा विशेष है। श्रद्धालु घी और खोपरों की आहुतियां देकर सुख और समृद्धि की कामना करते हैं।
बीती रात मंदिर में जयकारों के साथ जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भजन कलाकार अर्चना देवी ने अपनी मधुर आवाज़ में बिग्गा दादा की कीर्ति का बखान किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस मेले में जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर, जोधपुर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत देशभर से श्रद्धालु पहुंचे थे। वीर बिग्गाजी मानव सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं ने जागरण और मेले की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला। मेला कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण जाखड़ ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था और हाइवे पर यातायात को नियंत्रित किया गया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र की भी व्यवस्था की गई थी। मेले में विभिन्न दुकानें भी सजी थीं, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की।
इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट पद पर पदोन्नति होने पर डूंगरराम जाखड़ का सम्मान किया गया। बिग्गा सरपंच जसवीर सारण, सातलेरा सरपंच प्रतिनिधि भीखाराम जाखड़, बिग्गाबास रामसरा के लक्ष्मणराम जाखड़, पूर्व सरपंच श्रवणराम जाखड़, मोहनराम जाखड़, गोपाल राम गोदारा, खेताराम गिला, मांगीलाल मास्टर, ओमप्रकाश सारण, रमेश कुमार जाखड़ आदि उपस्थित रहे और अपनी सेवाएं दीं।
बिग्गा दादा के दरबार में उमड़ा यह श्रद्धा का सैलाब न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक था, बल्कि सामुदायिक सौहार्द और सेवा भावना का भी अद्भुत उदाहरण था।