थानाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, रतनलाल, लक्ष्मीनारायण, मालाराम और उनके बेटे मांगीलाल, मुखराम, ओमप्रकाश, मालाराम (पोकरराम), परमेश्वर, विजयपाल, किशननाथ और शंकरलाल नामक व्यक्तियों पर धमकी देने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सालासर गांव में उनकी पुश्तैनी ज़मीन पर उनका मकान बना हुआ है। वे फिलहाल खेत में ढाणी बनाकर रहते हैं। इस ज़मीन को लेकर प्रभुराम, देवाराम और बालूराम नामक व्यक्तियों ने अदालत में मुकदमा दायर किया था, जिसका फैसला शिकायतकर्ताओं के पूर्वजों के पक्ष में आया था।
परिवादियों का आरोप है कि फैसले के बाद से ही आरोपी उनसे रंजिश रखने लगे और उन्हें ज़मीन से बेदखल करने के लिए अलग-अलग विभागों में झूठी शिकायतें करते रहे।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि 22 अगस्त 2025 को उनकी माताजी का देहांत हो गया था, जिसके कारण वे गांव में ही थे। 24 अगस्त को जब वे श्रीडूंगरगढ़ जाने के लिए टैक्सी पकड़ने जीएसएस के पास आए, तो आरोपियों ने उन्हें भूखंड पर कब्जा करने की धमकी दी।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 26 अगस्त को जब वे वापस अपने भूखंड पर गए, तो उन्होंने पाया कि वहां लगी तार की पट्टियां टूटी हुई हैं और कुछ गायब भी हैं। उनका आरोप है कि आरोपियों ने 25 अगस्त की रात लगभग दो-तीन बजे के बीच इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जब पड़ोसियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई ग्यारसीलाल को सौंप दी है। अब यह देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस पुश्तैनी ज़मीन के विवाद का क्या हल निकलता है।